जिला महिला बाल विकास अधिकारी पर लगें गंभीर आरोप, 10 साल बाद भी पीड़ित पक्ष को नहीं मिला न्याय

जिला महिला बाल विकास अधिकारी पर लगें गंभीर आरोप, 10 साल बाद भी पीड़ित पक्ष को नहीं मिला न्याय

न्यूज़ बिलासपुर बंधु (संतोष साहू)

बिलासपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग पर कार्यरत एक तत्कालीन परियोजना अधिकारी जो पदोन्नति होकर अब जिला महिला बाल विकास अधिकारी बनकर अन्य जिला पर कार्यरत है। उसके खिलाफ गंभीर आरोप पीड़ित पक्ष के द्वारा लगाया गया है और पिछले 10 वर्षों से लगातार शिकायत का सिलसिला चल रहा है। लेकिन अब तक मामले पर ना तो जांच बैठी है और न किसी प्रकार की कार्यवाही किया गया है। पूरा मामला आंगनबाड़ी पर कार्यकर्ता पद कि भर्ती से जुड़ा है।

गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बिलासपुर नगर निगम वार्ड क्रमांक 55 में कार्यकर्ता हेतु 3 पद के लिए आवेदन मंगाए गए थे। जिसमें 10 अभ्यर्थियों ने अपना आवेदन विभाग में जमा किया था।नगर निगम क्षेत्र में परिसीमन के पश्चात उक्त वार्ड अब वर्तमान में वार्ड क्रमांक 55, 66 और 70 के नाम से जाना जाता है। शिकायतकर्ता रंजना गुप्ता का आरोप है कि तत्कालीन परियोजना अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती के समय उसके जगह पर एक आपात्र आवेदिका को  भर्ती किया है। बताया जाता है कि इन दिनों तारकेश्वर सिन्हा जांजगीर चांपा में जिला महिला बाल विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत है। शिकायतकर्ता  के अनुसार उक्त भर्ती पर 10 लोगों ने आवेदन किया था जिसमें दिनांक 2-01-2011 को प्रथम मूल्यांकन सूची चस्पा किया गया था। उक्त सूची के अनुसार रंजना गुप्ता को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था। दूसरी सूची जब जारी किया गया तब भी आवेदिका का तीसरा स्थान रहा। लेकिन जब अंतिम सूची जारी किया गया तब उनका नाम रिमार्क पर यह लिखकर विलोपित कर दिया गया कि वह वार्ड निवासी नहीं है। उसके बाद सूचना के अधिकार के तहत रंजना गुप्ता ने संपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। उक्त आवेदन पर कार्यालय द्वारा जानकारी दिया गया कि आपकी जानकारी 72 पन्नों में है। वांछित जानकारी प्राप्त करने के लिए नियमानुसार शुल्क पटाकर जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। उसके बाद आवेदिका ने राशि पटाकर सूचना के अधिकार के तहत संपूर्ण दस्तावेज ले लिया

सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेज के अनुसार अंतिम सूची में शिकायतकर्ता रंजना गुप्ता को वार्ड में निवास करने की पुष्टि न होने का कारण बता कर आपात्र किया गया था। लेकिन सूचना का अधिकार में कार्यालय से प्राप्त दस्तावेज पर तत्कालीन वार्ड पार्षद के द्वारा सत्यापित किया गया निवास प्रमाण पत्र मौजूद था। इसके अलावा तहसीलदार के द्वारा जारी किया गया निवास प्रमाण पत्र भी आवेदिका ने विभाग पर आवेदन करते समय दीया था। उसके बाद भी उसे आपात्र कर दिया एवं आपात्र व्यक्ति को उनकी जगह नियुक्ति आदेश जारी किया गया। उक्त मामले के खिलाफ रंजना गुप्ता ने दिनांक 6-7- 2012 को जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त बिलासपुर से लिखित शिकायत किया था। लेकिन मामले पर अब तक किसी प्रकार का जांच एवं कार्यवाही नहीं किया गया। शिकायतकर्ता लगातार पत्राचार करती रही लेकिन उसके आवेदन पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किया गया।

इसी बीच दिनांक 13- 5-2022 को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विभागीय मंत्री अनिला भेड़िया, सोनिया गांधी, को शिकायत किया गया है लेकिन आज 80 दिन बीत जाने के बाद भी मामले पर कोई जांच, कार्यवाही नहीं हो पाया है। अपने पाठकों को हम अगले अंक पर महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बिलासपुर में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर आने के लिए जुगाड़ (एप्रोच) लगाने वाले एक भ्रष्ट अधिकारी के बारे में बताएंगे। जो इन दिनों राजधानी के कका हाउस से एप्रोच लगाकर बिलासपुर में  पोस्टिंग कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाकर भीड़ा हुआ है। 

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