बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिग फरार, अधीक्षक कर रहा मामले को दबाने का प्रयास

बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिग फरार, अधीक्षक कर रहा मामले को दबाने का प्रयास

न्यूज़ बिलासपुर बंधु (संतोष साहू)

बिलासपुर- महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाले बाल संप्रेक्षण गृह जिला बिलासपुर से दो नाबालिग युवकों के फरार होने की खबर आ रही है। मामले को अधीक्षक दबाने का प्रयास कर रहा है और संबंधित थाने में मामले कि किसी प्रकार की सूचना नहीं दिया गया है।

गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बाल संप्रेक्षण गृह सरकंडा बिलासपुर में स्थित है पास में ही बालिका गृह संस्था भी संचालित है। लगभग 2 वर्ष पूर्व पास के हि बालिका गृह से सात नाबालिक बालिकाएं फरार हो गई थी। जिसमें से 5 बालिकाओं को कोरबा जिला से बरामद किया गया और बाकी दो बालिकाओं को अन्य जगह से रेस्क्यू किया गया था। यह मामला विधानसभा में शहर विधायक शैलेश पांडे ने उठाया था जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया रहा और अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे थे।

उस घटना के बाद मंगलवार को बिलासपुर जिले मे ही बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिग युवक फरार हो गए। बताया जा रहा है संस्था के प्रभारी अधीक्षक राहुल पवार ने इसकी सूचना संबंधित थाने में नहीं दिया है। लगातार बिलासपुर जिले से ही इस तरह की घटना सामने आ रही है। संबंधित घटनाओं को देखकर ऐसा लगता है कि संस्था में अधीक्षक के रूप में कार्य करने वाले व्यक्तियो में नेतृत्व की कमी है। शायद इसीलिए इस तरह की घटना लगातार सामने आ रही है। जो कि बहुत ही निंदनीय है। अगर बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक संबंधित थाने में इसकी सूचना देता है।तो निश्चित ही पुलिस विभाग फरार युवकों की तलाश करने में मदद करेगी।

सर्वाधिक है कि विगत कुछ दिनों पूर्व इसी प्रकार के संस्था दुर्ग से कुछ नाबालिग युवक फरार हो गए थे जिसके बाद एक युवक कि लाश बिलासपुर में मिला था। फिर भी विभाग गंभीर नहीं है खासकर बिलासपुर महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में कार्य करने वाले अधीक्षकों की लापरवाही लगातार देखने को मिलती है। जिसका खामियाजा समय-समय पर देखने को मिलता रहा है। इसीलिए आवश्यकता है कि ऐसे गंभीर मामलों को हल्के में ना लिया जाए और संबंधित थाने को इसकी सूचना दिया जाए। बताया जाता है कि फरार दो युवकों में से एक युवक कोटा थाना क्षेत्र का रहने वाला है तो वही दूसरा युवक सरकंडा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। यहां पर एक प्रश्न उठता है कि संस्था के अधीक्षक ने घटना स्थान से संबंधित थाने में इसकी सूचना नहीं दिया है अगर फरार युवकों के साथ किसी प्रकार का अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है तो किसकी जिम्मेदारी होगी। 

संविदा कर्मचारी राहुल पवार को तीन जगह का प्रभार

महिला एवं बाल विकास विभाग बिलासपुर में दो जिला महिला बाल विकास अधिकारी है। एक नेहा राठिया व दूसरा उमाशंकर गुप्ता है। इन दो जिम्मेदार पात्र अधिकारियों के होते हुए भी एक संविदा कर्मचारि को संस्था संचालन करने के लिए प्रभार दिया गया है। संभवत प्रदेश का यह पहला जिला होगा जहां पर एक संविदा कर्मचारी को एक दो नही बल्कि तीन-तीन जगह का प्रभार दिया गया है बताया जाता है कि राहुल पवार बाल संप्रेक्षण गृह, प्लेस ऑफ सेफ्टी, और विशेष गृह के प्रभारी अधीक्षक के रूप में कार्य कर रहा है है। जबकि जिला कार्यालय में दो-दो वरिष्ठ व पात्र अधिकारी को  बैठाया गया है उन्हें संस्था में किसी प्रकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इस तरह से बिलासपुर जिला में महिला बाल विकास विभाग पर अधिकारियों की मनमानी चल रही है। विभाग की मंत्री अनिला भेड़िया को आवश्यकता है कि खासकर बिलासपुर जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर उनको कार्य करने के लिए उचित दिशा निर्देश दे ताकि उनके विभाग में उनकी छवि बरकरार रहे। बहर हाल देखने वाली बात होगी कि मामले पर बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक राहुल पवार के खिलाफ विभाग किस तरह की कार्यवाही करता है।

    राहुल पवार (प्रभारी बाल संप्रेक्षण गृह)
बाल संप्रेक्षण गृह से दो नाबालिग युवक गार्डनिंग के दौरान फरार हो गए हैं। खोजने का प्रयास किया जा रहा है।

          परिवेश तिवारी (थाना प्रभारी सरकंडा)
बाल संप्रेक्षण गृह से नाबालिग युवको के फरार होने की सूचना संस्था के द्वारा थाना को नहीं दिया गया है।

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