धान खरीदी केंद्र पर कार्य के दौरान हमाल (मुकर्दम) की मौत, मृतक का बीमा नहीं,, कैसे मिलेगा परिजनों को आर्थिक लाभ

धान खरीदी केंद्र पर कार्य के दौरान हमाल (मुकर्दम) की मौत, मृतक का बीमा नहीं,, कैसे मिलेगा परिजनों को आर्थिक लाभ

न्यूज़ बिलासपुर बंधु (संतोष साहू)

बिलासपुर- राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए बनाए गए एक सेवा सहकारी समिति मर्यादित संस्था मे कार्य करने के दौरान हमाल (मुकर्दम) का मृत्यु हो गया। लेकिन उनके परिजन को अब तक किसी प्रकार की आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि शासन की ओर जिला में बैठे धान खरीदी के लिए प्रमुख अधिकारी (जिला विपणन अधिकारी) ने मृतक का बीमा नहीं कराया था। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि न्यायधानी पर कांग्रेस राज में एक गरीब, हमाल मुकर्दम के परिजन को जिला विपणन अधिकारी की निष्क्रियता के कारण शासन की योजना (बीमा) का लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। क्योंकि उक्त अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी का पूर्णता निर्वाहन नहीं किया है। और जिले के अंतर्गत लगभग 128 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं जिसमें कार्यरत किसी भी कर्मचारी, हमाल का बीमा न होना बताया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में धान खरीदी को लेकर कांग्रेस सरकार बहुत ही उत्साहित है। लेकिन उनकी यह अति उत्सुकता के कारण यह दुष्परिणाम सामने आ रहा हैं कि उनके सरकार के द्वारा बनाए गए शासन के नियमों को उनके ही अधिकारी पालन नहीं करते हैं। जिसके कारण गरीब मजदूर, हमाल को खामियाजा भुगतना पड़ता है। जिसका ताजा उदाहरण तखतपुर ब्लाक के ग्राम लाखासर में बनाए गए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्र में देखा जा सकता है। बताया जाता है धान खरीदी केंद्र लाखासर पर कुल 10 हमाल कार्यरत है जिसमें घटना दिनांक 22- 12-2021 को हमालो के मुकर्दम के रूप में हजारी लाल राजपूत पिता अर्जुन राजपूत भी कार्यरत था। तभी अचानक सुबह लगभग 7:00 बजे वह कार्य करने के दौरान जमीन पर गिर गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया डॉक्टरों ने जांच कर उक्त व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। यह कि मृतक वार्ड क्रमांक 1 ग्राम पंचायत लाखासर, ब्लॉक तखतपुर जिला बिलासपुर का निवासरत था। जो पिछले 4 वर्षों से उक्त समिति पर अपनी सेवाएं देता रहा। लेकिन बावजूद इसके घटना दिनांक को हमाल (मुकरदम) की मृत्यु होने के बाद उसके परिजनों को किसी प्रकार से आर्थिक लाभ नही मिलना बताया जा रहा है । सूत्रों का कहना है कि जिले में बनाए गए धान खरीदी केंद्र पर कार्य करने वाले किसी भी कर्मचारी, हमाल का बीमा नहीं किया गया है। जिसमें मृतक हजारीलाल राजपूत का भी नाम शामिल है। इस वजह से उसके परिजन को शासन की तरफ से किसी तरह का आर्थिक लाभ मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।

जिला विपणन अधिकारी नहीं करते अनुबंध का पालन

शासन के नीति के अनुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए एक अनुबंध किया जाता है। जिसमें जिला विपणन अधिकारी, जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, समिति का प्रबंधक, सम्मिलित होते हैं। अनुबंध का मुख्य उद्देश्य तीन बिंदुओं को लेकर होना बताया जाता है। (1) किसानों से क्रय किए गए धान को मंडी से 72 घंटे में उठाव करना (2) धान की सुरक्षा की दृष्टि से क्रय किए गए धान का बीमा किया जाना तय किया जाता है (3) समिति में कार्यरत कर्मचारी एवं हमाल का बीमा किया जाना होता है। लेकिन बिलासपुर जिला में यह सब सिर्फ कागज पर होना बताया जा रहा है। जिसका ताजा उदाहरण देखा जा सकता है। घटना दिनांक 22-12- 2021 को धान खरीदी केंद्र लाखासर में हमाल (मुकरदम) का काम करने वाले हजारी लाल राजपूत का कार्य करने के दौरान मृत्यु हो जाने के उपरांत नियमानुसार उनके परिजन को बीमा संबंधित लाभ के लिए प्रक्रिया शुरू हो जानी थी। लेकिन जिला विपणन अधिकारी की निष्क्रियता की वजह से मृतक के परिजन को किसी प्रकार का आर्थिक लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। और ना ही अब तक किसी प्रकार की प्रक्रिया शुरू हो पाई है मामले पर मीडिया ने जब अधिकारी से जानकारी लिया तब उनका कहना था कि मामले की जानकारी आप के माध्यम से प्राप्त हुई है क्लेम की कार्यवाही की जाएगी।अब यहां पर सवाल उठता है कि जिस व्यक्ति का मृत्यु के पूर्व बीमा ही नहीं किया गया है उस व्यक्ति के परिजनों को बीमा क्लेम राशि का लाभ कैसे मिल सकता है।

उपेंद्र कुमार (जिला विपणन अधिकारी)
आपके माध्यम से मामले की जानकारी मिली है समिति से बात करके आवेदन मंगाकर क्लेम की कार्यवाही की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *