शहर के छोटे- बड़े संस्थानों में जल रहा है घरेलू गैस सिलेंडर, क्या खाद्य विभाग सेटिंग के कारण नहीं करना चाहते कार्यवाही..?बिलासपुर खाद्य विभाग की निष्क्रियता के कारण आलीशान होटलों में भी खप रहा घरेलू गैस सिलेंडर

शहर के छोटे- बड़े संस्थानों में जल रहा है घरेलू गैस सिलेंडर, क्या खाद्य विभाग सेटिंग के कारण नहीं करना चाहते कार्यवाही..?

बिलासपुर खाद्य विभाग की निष्क्रियता के कारण आलीशान होटलों में भी खप रहा घरेलू गैस सिलेंडर

न्यूज़ बिलासपुर बंधु (संतोष साहू)

बिलासपुर- अगर हम बात करें बिलासपुर के खाद्य विभाग की तो इन दिनों वह सफेद हाथी का दांत साबित होते नजर आ रहा है। सामान्यता देखा गया है कि त्योहार आते ही खाद्य निर्माण से संबंधित संस्थानों में मिठाइयों एवं अन्य पकवान सामग्री कि तैयारियों के लिए गैस सिलेंडर की आवश्यकता होती है। जिसके लिए बकायदा नीले रंग की कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग नियंता किया जाना है।
 लेकिन इन दिनों बिलासपुर के कई बड़े, छोटे खाद्य संस्थानों में कालाबाजारी कर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। दर्जनों की संख्या में संस्थानों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर एजेंसियों से ब्लैक में खरीदना बतलाया जा रहा है लेकिन इसको नियंत्रित करने वाला जिला खाद्य विभाग इन दिनों पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है अन्यथा फिर ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित संस्थानों से सेटिंग के कारण विभाग लंबी नींद में सोया है और जागने का नाम नहीं ले रहा है..

अगले दो-तीन दिनों में ही दीपावली का त्यौहार बीत जाएगा जिसके बाद अगर विभाग कार्यवाही भी करता है तो इनके साथ सांप चले जाने के बाद लाठी पीटने का मुहावरा चरितार्थ होगा..
गौरतलब है कि पिछले दिनों खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मिठाइयों की क्वालिटी जांच करने के लिए शहर निकली थी। लेकिन इसमें भी खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी द्वारा जमकर लीपापोती की गई। इतना ही नहीं बताया जाता है कि शहर के महेश स्वीट्स में पहुंचे अधिकारी मीडिया के नजर में आने के बाद इतना घबरा गए कि अगले दिन से पूरे टीम को ही बदल दिया गया अब खाद्य और औषधि विभाग की टीम गुपचुप तरीके से चुपचाप कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति करने का काम कर रही है। 

सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले कुछ दिनों से घूम रही टीम को अब तक एक भी मामला ऐसा नहीं मिला है जिसमें बड़ी कार्रवाई की गई हो जिससे साफ जाहिर है कि.. विभागीय अधिकारियों का शह कुछ बड़े व्यापारियों को मिला हुआ है इसलिए तो केंद्र सरकार के नियम को लागू कराने तक में खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी सक्षम नजर नहीं आ रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए लगभग 2 साल पहले नियम लाया गया था कि सभी मिठाई की दुकानों में मिठाई के सामने उत्पादन तिथि और उसके समाप्ति की तिथि लिखना अनिवार्य होगा। वरना उस संस्थान पर कार्रवाई की जाएगी.. लेकिन बिलासपुर में संभवत कोई भी ऐसा संस्थान नहीं है जो इस नियम का पालन करता हो। वही उन संस्थानों द्वारा व्यावसायिक सिलेंडर की जगह पर जमकर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है। जिसकी बिक्री गैस एजेंसियों द्वारा ब्लैक में किए जाने की खबर इन दिनों शहर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गैस सिलेंडर के काले कारोबार से कुछ एजेंसियों का तो फायदा हो ही रहा है। लेकिन इसके अलावा ऐसा लगता है कि खाद्य विभाग के अधिकारी भी इस फायदे की धारा में डुबकी लगा रहे हैं। 

बहरहाल देखने वाली बात होगी कि हमारे इस समाचार के बाद खाद्य विभाग नींद से जाग कर कुछ कार्यवाही करता है य फिर फिर कुंभकरणीय नींद में सोया रहता है।

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